यौन उत्पीड़न इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स (शी-बॉक्स) पोर्टल - कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम , निषेध और निवारण) अधिनियम (पीओएसएच अधिनियम) , 2013 के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (एमडब्ल्यूसीडी) ने 29 अगस्त 2024 को एक डिजिटल शासन पहल के रूप में यौन उत्पीड़न इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स (शी-बॉक्स) पोर्टल ( https://shebox.wcd.gov.in/ ) का शुभारंभ किया। 27 मार्च 2026 तक , सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में 10 से अधिक कर्मचारियों वाले 1,61000 से अधिक कार्यस्थलों को पोर्टल पर पंजीकृत किया जा चुका है। इनमें से , पंजीकृत कार्यस्थलों द्वारा 68,460 से अधिक आंतरिक समितियों (आईसी) का विवरण अपडेट किया जा चुका है। पोर्टल पर जिला स्तर की 777 स्थानीय समितियों (एलसी) का विवरण भी उपलब्ध है। विभिन्न क्षेत्रों में कार्यान्वयन को सुव्यवस्थित करने और व्यापक पहुंच के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के लिए , एमडब्ल्यूसीडी कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय , श्रम एवं रोजगार मंत्रालय , वित्तीय सेवा विभाग , राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग , अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद , उ...
कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 (एसएच अधिनियम) लागू किया, जिसका उद्देश्य सभी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं संरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करना है। यह अधिनियम सभी महिलाओं, चाहे उनकी आयु या रोजगार की स्थिति कुछ भी हो, पर लागू होता है। इसकी संरक्षा के दायरे में घरेलू कामगारों सहित सार्वजनिक व निजी, संगठित या असंगठित क्षेत्र के सभी कार्यस्थल आते हैं
सरकार ने कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम , 2013 को लागू किया , जिसका उद्देश्य सभी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं संरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करना है कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न , भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 में निहित समानता , स्वतंत्रता और जीवन के मौलिक अधिकारों और अनुच्छेद 19(1)( जी) के तहत किसी भी पेशे को अपनाने या किसी भी व्यवसाय , व्यापार या कारोबार को चलाने के अधिकार , जिसमें सुरक्षित कार्य वातावरण भी शामिल है , का गंभीर उल्लंघन है। यौन उत्पीड़न एक असुरक्षित कार्य वातावरण का निर्माण करता है , जिससे श्रमशक्ति में महिलाओं की भागीदारी बाधित होती है और उनके आर्थिक सशक्तिकरण एवं समावेशी विकास के लक्ष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। भारत सरकार ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम , निषेध और निवारण) अधिनियम , 2013 ( एसएच अधिनियम) लागू किया , जिसका उद्देश्य सभी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं संरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करना है। यह अधिनियम सभी महिलाओं , चाहे उनकी आयु या रोजगार की स्थिति कुछ भी हो , पर लागू ...